कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट
आयोजन
'महिला सशक्तिकरण पर विधिक जागरूकता शिविर' पर श्री शिवराज जी कुर्मी (संयोजक – साहित्य मंच, टोडारायसिंह) द्वारा प्रस्तुत की जा सकने वाली विस्तृत रिपोर्ट जो उन्होंने कार्यक्रम के बाद प्रस्तुत की।
रिपोर्ट
प्रस्तुतकर्ता: श्री शिवराज कुर्मी
संयोजक – साहित्य मंच, टोडारायसिंह
विषय: महिला सशक्तिकरण पर विधिक जागरूकता शिविर
स्थान: कार्यालय पेंशनर्स समाज, टोडारायसिंह
तिथि: 30 जून 2025
भूमिका
साहित्य मंच, टोडारायसिंह को यह गौरव प्राप्त हुआ कि दिनांक 30 जून 2025 को तालुका विधिक सेवा समिति के साथ मिलकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय 'महिला सशक्तिकरण' पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को विधिक अधिकारों, कल्याणकारी योजनाओं एवं सामाजिक कुरीतियों के प्रति सजग करना रहा।
मुख्य अतिथि एवं अतिथिगण का स्वागत
शिविर का उद्घाटन करते हुए मैंने स्वयं, संयोजक के रूप में, मुख्य अतिथि माननीय श्रीमती अनुभा सिंह जी, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का हार्दिक स्वागत किया। साथ ही पधारे सभी गणमान्य अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों को मंच की ओर से आभार व्यक्त किया।
विधिक सेवा प्राधिकरण की जानकारी
कार्यक्रम के आरंभ में मैंने उपस्थित जनों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तालुका विधिक सेवा समिति की भूमिका एवं सेवाओं से अवगत कराया। इन संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य वक्तव्य – न्यायाधीश श्रीमती अनुभा सिंह जी
श्रीमती अनुभा सिंह जी ने महिला सशक्तिकरण के गूढ़ अर्थ को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि महिलाओं को शिक्षा, स्वावलंबन, निर्णय लेने की स्वतंत्रता और सामाजिक सम्मान दिलाना ही वास्तविक सशक्तिकरण है। साथ ही उन्होंने महिलाओं, बच्चों व वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं – जैसे पेंशन, स्वास्थ्य बीमा, शिक्षा सहायता आदि – की विस्तार से जानकारी दी और इनसे जुड़ने के उपाय बताए।
अन्य वक्ताओं के प्रेरक विचार
श्री दिनेश कुमार जैन जी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे मृत्यु भोज, बाल विवाह, दहेज प्रथा आदि के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला तथा महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की चर्चा की।
श्री ओमप्रकाश जैन भामाशाह बरवास जी ने महिलाओं को सृजन की शक्ति बताया और महिला सशक्तिकरण को समाज के समग्र विकास से जोड़ा। उन्होंने शिविर में उपस्थित महिलाओं को ओढ़नी भेंटकर सम्मानित किया, जो नारी सम्मान का प्रतीक रहा।
सम्मान एवं सहभागिता
शिविर में महिलाओं को प्रतीकात्मक रूप से ओढ़नी भेंटकर सम्मानित किया गया। यह gesture समाज में उनके प्रति सम्मान और सहयोग के भाव को प्रकट करता है।
इस अवसर पर श्री मदनलाल जैन (पेंशनर्स समाज), प्रभा सारस्वत, हरिराम गौड, कमल कुमार जैन, श्याम सुंदर सैनी, महावीर गौड समेत अनेक जागरूक नागरिक उपस्थित रहे।
निष्कर्ष एवं आभार
इस विधिक जागरूकता शिविर ने न केवल महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस पहल की, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और विधिक जागरूकता की नींव को और मजबूत किया।
मैं साहित्य मंच की ओर से तालुका विधिक सेवा समिति, सभी वक्ताओं, सहयोगियों एवं सहभागी नागरिकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।
आशा है कि यह प्रयास भविष्य में भी निरंतर चलता रहेगा और हम एक न्याय-संगत, सशक्त और संवेदनशील समाज की ओर अग्रसर होंगे।
सूचना स्रोत
श्री शिवराज कुर्मी
संयोजक – साहित्य मंच, टोडारायसिंह
पाठ्य उन्नयन और विस्तार


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